कवि · लेखक · फिलेटेलिस्ट · न्यूमिस्मैटिस्ट · भारत संचार दूत
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जीवन कविता बन जाए…
अपने शब्दों में — एक आत्म-परिचय
कवि एवं लेखक — डॉ. रवीन्द्र नारायण पहलवान
❋ आमुख — मैं हूँ ❋
मैं एक जिज्ञासु व्यक्ति हूँ। ज्ञान की खोज मेरी प्रकृति और प्रवृत्ति है। ओशो जब आचार्य रजनीश थे, तब जबलपुर में उन्हें नज़दीक से सुनने और गुनने का सुअवसर मिला। श्री जे. कृष्णमूर्ति को पढ़ने का अवसर भी मिला।
ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का गहन अध्ययन मेरा सौभाग्य है। नैनी (इलाहाबाद) का मॉन्टेसरी स्कूल, महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय सीहोर, शासकीय सुभाष मिडिल स्कूल सीहोर में मेरी प्रारंभिक शिक्षा हुई। श्री पीताम्बर शर्मा मेरे प्रिय गुरु रहे, उनके हस्ताक्षर वाला एक प्रमाण-पत्र आज भी मेरे पास सुरक्षित है। सीहोर के आदरणीय अलोपीदीन और श्रीमती प्रियम कुलश्रेष्ठ ने अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान दिया।
इंडिपेक्स-1973 · काँस्य-पदक डिप्लोमा
साहित्य के प्रति बचपन से ही प्रेम रहा, शायद इसी का परिणाम है पुस्तकों का सृजन। फोटो खींचना, फिल्म डवलप करना, प्रिंट बनाना और इन्लार्जमेंट करना स्कूल के दिनों में ख़ूब किया। एक छायाचित्र मास्को (रूस) की प्रदर्शनी तक पहुँच गया। साइकल पोलो खेला और राष्ट्रीय स्पर्धा में पहुँचा। फिलेटेली में गहरी रुचि ली, इंडिया फेडरेटी स्टेट (भोपाल रियासत) के अंतर्गत, अंतरराष्ट्रीय पदक जीतना जितना सौभाग्य की बात है, तत्कालीन इंडियन कमिश्नर श्री एम.ए. राव सहज ही याद आते हैं।
माँ श्रीमती राजरानी पहलवान और पिता पं. राजेन्द्र नारायण पहलवान का आशीर्वाद और कुशल मार्गदर्शन मेरी सफलता का रहस्य है। श्रीमती विनीता संजय जगदाले, डॉ. उषा दर, श्रीमती आभा सिन्हा, श्रीमती मीनाक्षी शाह — सभी मेरी प्यारी बहनों का स्नेह और प्रेम पाकर मैं उनका ऋणी रहूँगा। डॉ. दीप पहलवान और श्री प्रदीप पहलवान ने हर व्यवहार में आदर दिया। श्रीमती निशा पहलवान के प्रति मैं प्रगाढ़ स्नेह-भाव प्रकट करता हूँ। श्रीमती ऋतु सुंदर गुर्जर सुपुत्री और श्रीमती प्रीति प्रदीप पहलवान सुपुत्री तुल्य स्नेह की पात्र हैं। युग, कार्तिकेय और सुप्रिया के प्रति स्नेह-भाव प्रकट करता हूँ। श्री रमेश प्रसाद विश्वकर्मा सहपाठी, श्री रमेश कुमार नायक कार्यालय के साथी, श्री सुधीर जैन फिलेटेलिस्ट, श्री ओ.पी. सोनी फोटोग्राफर, श्री सुरेन्द्र मुल्ये साइकल यात्री, श्री राकेश शर्मा साहित्यकार, पी.डी.जी. रो. डॉ. ज़ामिन हुसैन रोटेरियन — आप सभी मित्रों की सूची में क्रमांक एक पर हैं। इनके साथ सौहार्द अनिवार्य अंग है।
रोटरी क्लब की सभा
रोटरी अंतरराष्ट्रीय से क्लब बिल्डर अवार्ड और रोटरी अंतरराष्ट्रीय मंडल से रोटरी रत्न अवार्ड मेरी सफलता के सितारे हैं। पी.डी.जी. रोटेरियन आलोक बिल्लौरे और रोटेरियन लोकेन्द्र पापालाल का स्नेह पाकर मैं धन्य हुआ। रोटेरियन डॉ. नलिनी लंगर और रोटेरियन रवि प्रकाश लंगर का रोटरी अंतरराष्ट्रीय मंडल-3040 में पूर्व मंडलाध्यक्ष होना मेरे लिए गर्व की बात है। भारत संचार निगम लिमिटेड मेरी श्वांस है, जिसने मुझे “भारत संचार दूत” बनाया।
संत के सान्निध्य में
पत्थर निर्जीव हैं, फिर भी मुझे उनसे प्रेम है, मेरे संग्रह में कुछ दुर्लभ पत्थर हैं। सत्य के मेरे प्रयोग, मेरी कहानी और “एट द फीट ऑफ द मास्टर” पुस्तकों ने मुझे बहुत प्रभावित किया है।
— रवीन्द्र नारायण पहलवान
“मैंने कभी भी किसी दूसरे जैसा बनने का प्रयास नहीं किया, इसलिए मैं, मैं ही बना रहा।”
साहित्य पृष्ठ · कविताएँ
जीवन की पंक्तियाँ
प्रमुख रचना
हमने बहुत तरक़्क़ी की है
सीहोर, मध्य प्रदेश
हम बिना चीर-फाड़ केऑपरेशन कर सकते हैं
हमने बहुत तरक़्क़ी की है
हम देश-विदेश में पल भर मेंदूरभाष पर बात कर सकते हैं
हमने बहुत तरक़्क़ी की है
हम चाँद परघूम सकते हैं
हमने बहुत तरक़्क़ी की है
हम कुछ ही घंटों मेंअमेरिका पहुँच सकते हैं
हमने बहुत तरक़्क़ी की है
हम मंगल परयान उतार सकते हैं
हमने बहुत तरक़्क़ी की है
बस केवल इतनी तरक़्क़ी करना बाक़ी हैकि इंसानों के दिलों में उतर सकें
— रवीन्द्र नारायण पहलवान
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अन्य कविताएँ
ग्रंथ सूची · पुस्तकें
काव्य संकलन 9 · संस्मरण 1 · अनुवाद 3 · संकलन 1
पुस्तकें
साहित्य के प्रति बचपन से ही प्रेम रहा — शायद इसी का परिणाम है पुस्तकों का सृजन। साथ ही उनकी रचनाओं के मराठी, मालवी एवं कश्मीरी अनुवाद और प्रतिनिधि संकलन भी प्रकाशित हुए।
सदी के अंत में · वंदे मातरम् · प्रतीति · पूर्वा · एकलव्य · शाश्वत भारती · पंचामृत · अनुभूति · काव्य प्रवाह · सुमन काव्य · इंदौर के ग्यारह कवि · निमाड़ की माटी मालवा की छाँव · नीलकमल · राष्ट्रीयता के स्वर · काव्यांजलि · विदुषी · अभिप्राय · हम अड़तीस · दस्तक
लघु काव्य संकलन — आस्था, पौरुष, “सरहद पर जान की बाज़ी”
साहित्यिक सम्मान
शाइरे वतन
शाने अदब
काव्य सुमन
हिन्दी साहित्य सृजन सम्मान — 2007
हिन्दी साहित्य सृजन सम्मान, भारत संचार निगम लिमिटेड — 2008
सदस्यता
अध्यक्ष — साहित्यिक संस्था “रुचिर”
पूर्व सह-सचिव (साहित्य) — श्री मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति, इंदौर
आजीवन सदस्य — हिन्दी परिवार
आजीवन सदस्य — म.प्र. लेखक संघ, इंदौर इकाई
सदस्य — इंडियन सोसायटी ऑफ़ ऑथर्स, इंदौर इकाई
काव्य पत्रक — “रवीन्द्र पहलवान की कविताएँ”, “मंगलकामनाएँ” तथा अनेक अन्य पत्रक प्रकाशित। मराठी अनुवाद — काव्य पत्रक “आज मला वाटत आहे” प्रकाशित। समीक्षाएँ प्रकाशित। आकाशवाणी इंदौर तथा फिलीपाइन्स रेडियो से कविताएँ प्रसारित। रोटरी क्लब ऑफ़ इंदौर अपटाउन के साप्ताहिक मुखपत्र के पूर्व कार्यकारी संपादक; रोटरी अंतरराष्ट्रीय मंडल 3040 की जी.एम.एल. पत्रिका के नौ वर्षों तक संपादक।
सम्मान एवं गतिविधियाँ
सम्मान एवं गतिविधियाँ
सम्मान एवं गतिविधियाँ
फिलेटेली, दूरसंचार, खेल और रंगमंच — जो भी हाथ में लिया, पूरे मन से लिया।
2002★
भारत संचार दूत
राष्ट्रीय अलंकरण
तत्कालीन केन्द्रीय संचार मंत्री श्री तपन सिकदर से राष्ट्रीय अलंकरण स्वीकार करते हुए — 8 मई 2002, इंदौर।
1973★
अंतरराष्ट्रीय पदक
इंडिपेक्स-1973
म.प्र. के प्रथम अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं में से एक — इंडिया इंटरनेशनल फिलेटेलिक एक्ज़िबिशन, 14–23 नवम्बर 1973।
डाक-टिकट प्रदर्शनी में
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के संग
इन्दौर टेलीफोन्स का साहसिक दल — 1984
रो. कल्याण बैनर्जी से सम्मान
साइकल पोलो — राष्ट्रीय स्पर्धा
वंश-वृक्ष
पहलवान परिवार वंशावली
पहलवान परिवार वंशावली
मुग़ल दरबार के इतिहासकार पंडित आनन्द राम से डॉ. रवीन्द्र नारायण तक — नौ पीढ़ियों की वंशावली, जुलाई 2008 में अंकित।
जुलाई 2008 · 84 सदस्य
† स्वर्गवास
⚭ विवाह
अज्ञात नाम अज्ञात
प्रदीप, अवनेन्द्र, रवीन्द्र, ज्ञानेन्द्र, डॉ. दीपप्रीति, अमिता, निशा, राजरानी, राजेन्द्र, निधि, गीताऋचा, मोहित, पुनीत, रीतू, विनायक, रोहितबहन कुमकुम के साथजन्मदिन, 1951दादी एवं शिशु राजेन्द्र, 1922यज्ञोपवीत, 1960
पूरी वंशावली चौड़ाई में समेटी गई है।
चित्र-दीर्घा
छायाचित्र
छायाचित्र
परिवार, फिलेटेली, दूरसंचार, रोटरी और रंगमंच — एक जीवन के छायाचित्र। 1922 से आज तक।
छायाचित्र देखने के लिए ऊपर कोई श्रेणी चुनें।
विशेष आभार
आभार
आभार
जिनके स्नेह, प्रेरणा और सहयोग के लिए हृदय से आभार।